lottery sambad radha

lottery sambad radha

रध क हथ म लटर समबद रध क हथ म लटर समबद थ उसक दल तज धडक रह थ, उसक आख चमक रह थ, और उसक हथ हल रह थ वह लटर क नमबर दख रह थ, हर नमबर क धयन स पढ रह थ यह लटर समबद उसक जवन क बदल सकत थ उसक पत क सवसथय खरब थ और डकटर न कह थ क उनह दश क सबस अचछ डकटर क पस ल जन हग उसक छट बचच क सकल क शलक दन थ और फर वह अपन छट स दकन क बड करन चहत थ लटर समबद म उसक नबर थ य नह, यह जनन क बसबर उस ख रह थ वह लटर समबद क हर नबर क दख रह थ, हर नबर क धयन स पढ रह थ अत म, उसन अपन नबर क ढढ लय वह खश ह गई उसक नबर लटर म थ! वह र पड, खश क आस उसक आख स बहन लग वह जनत थ क यह जवन बदलन वल ह उसक पत क इलज ह सकग, उसक बचच क शकष ह सकग, और वह अपन दकन क बड कर सकग इस लटर समबद न रध क जवन म खशय क एक नय अधयय शर कय थ

lottery sambad radha